Monday, September 20, 2010

vakt

शायद बहुत दिनों बाद लिख रहा हु इस कालम में कियो कि दो दुसरे ब्लॉग मेने अभी कुछ महीने पहले शुरू  किये है और इन दिनों उसमे ही लिखता रहा हु यह मेरा सबसे पुराना ब्लॉग है काफी कुछ पहले इस में लिख चूका हु .और वक्त बीतते चार साल होने को आये है ,खेर वक्त किसी के रुकने से नहीं रुकता हमें ही पीछे भागना परता है ,ज़िन्दगी में खास कोही बदलाव नहीं है हां इक बात अवश्य हुई है में इन्टरनेट को ज्यादा वक्त दे रहा हु कियो कि बाहर कोही ज्यादा काम अब नहीं रहा है नया  बीमा करीब करीब ख़तम हो गया है और पुराने कि रेनुअल आ रही है ,नहीं दुकान जो jockey  कि खोली है उसमे आदमी को रखा है ,अभी भी ग्राहकी कम है कब ठीक हो कह नहीं सकते ,दुसरे दुकान कि तलाश जारी है .ईश्वर कि माया ईश्वर जाने ऐसी आशा हा सब अच्छा होगा .