विश्वास शब्द अपने आप में अनेक मतलब समेटे हुआ है ,जिससे हर व्यक्ति बंदा हुआ है ,सच में यह दुनिया विश्वास पर टिकी हुई है हर व्यक्ति किसी न किसी से जुढ़ा हुआ है केवल विश्वास के ऊपर ,पति एम पत्नी का सफ़र विश्वास और प्यार से शुरू होता है जो अंत तक चलता है जहां भी इसमें अर्चन आही वहाँ रिश्ता टूटने में वक्त नहीं लगता है ,फिर दोनों के प्यार का बीज अंकुरत होने लगता है प्यार की निशानी फलसवरूप नया जीव धरती पर आवृत हो जाता है ,दोनों का लाडला अत्ति शीघ्र इस धरती के सारे गुढ एम अव्गुढ़ समज जाता है उस नन्हे जीव का पूरा विश्वास अपने माँ और बाप पर होता है और उन्ही की छत्रछाया में जवान हो जाता है और उन्ही के बताये रास्ते पर वो भी सभी पर विश्वास कर अपना नया जीवन शुरू करता है ,विश्वास से हर वस्तु प्राप्त की जा सकती है प्यार तो पुरे विश्वास पर टिका होता है ,बिना इसके वो दो कदम भी नहीं चल सकता है ,एक व्यक्ति एक समाज एक धर्म एक प्रदेश एक देश ,एक पार्टी सभी विश्वास पर टिकी है जहां भी इसमें खटास आई तो सम्बन्ध टूटने में वक्त नहीं लगता ,यह व्यक्ति ही है जो विश्वास जीत कर नहीं जगह हासिल कर लेता है ,आम जन का नेता बन जाता है उनका प्यार हासिल कर लेता है और जिंदगी में अपना नया मुकाम हासिल कर लेता है जो ताजिंदगी उसके साथ रहता है और जिंदगी के बाद भी उसका नाम हमेशा लोगो के दिल्लो में रहेगा .