Tuesday, March 15, 2016

manav

विश्व वापस युद्ध की और बढ़ रहा कितनी न अजीब बात है इंसान   की इतनी तरकी और सफलता के बाद ,इतनी हाई एजुकेशन के बाद यह कैसी सफलता यह कैसी सोच ,यह कैसा जिद यह कैसा ईगो की इंसान जमीन हथियाने के वास्ते दूसरे बेगुनाह नागरिकों को मोत के मुंह में डाल दे अरबो खरबो की सम्पति का विनाश कर दे सिर्फ अपनी शान रखने के लिए आखिर क्यों ऐसी सोच और कहाँ से आई ?
विज्ञानं की तरकी का या मतलब हरगिज़ नहीं है की हम उसका दुरूपयोग करे मानव मूल्यों में तो कही नहीं।
दो भयंकर युद्ध होने के बावजूद ऐसी सोच क्यों?
आखिर क्यों क्यों ? यु एन ओ के बनाने का क्या उद्देश्य ?
मन मष्तिक में दसो सवाल हर  मानव में शीघ्र  उत्पन हो जाते है ,आखिर कौन इसका जवाब देगा। देगा की नहीं ? कहाँ वो विकसित देश जिन्होंने अपनी दादागिरी विशव में सोप रखी है। क्या इसके लिए उन्होंने इतनी म्हणत कर विकास किया ?
ईश्वर की रचना सरोपरी है उनकी इज़्ज़त हर व्यक्ति का परम कर्तत्व है अन्यथा हर और वुनश ही विनाश है


जिनवागो

जिनदो जिननदा दिलो का नाम
हे






















Sunday, March 13, 2016

human

it is very true that our this life is gift by almighty which has been given by our good done in our past life in fact human birth in the earth is the best creation of god rather other creature on the universe .