वाह क्या जिंदगी है इस जहाँ में सभी इंसानों की ,जीवो की ,और उर्हते परिंदों की ,जब भी देखो हर तरफ नया ही दिखाई
परता है जो और खुबसूरत होता है ,इतनी विशाल धरती में हर जगह हर वास्तु बिखेर राखी है मालिक ने उसको छूना तो दूर से देखने भी भी समय मिलना मुश्किल है इस छोटी सी जिंदगी में ,ईश्वर ने इस धरती को सब कुछ प्रदान क्या है इस मानव के लिए चारो और रहस्यों का खजाना बिखरा पढ़ा है सिर्फ देखने और खोज करने की जरुरत है ,खुशिया हमारा हर जगह इंतजार कर रही है ,धरती के बहार ही नहीं अंदर भी ईश्वर ने अमूल्य खजाना छुपा रखा है जो इंसानों के लिए ईश्वर की अनुपम भेंट है ,ईश्वर ने हम इंसानों को धरती पर भेज कर हमें अमूल्य सोगात भेंट की है जिसके हम ताउम्र इसके आभारी रहेंगे .पर यह देख कर हेरानी होती है कि इंसान यह सब भूल कर अपनी मोज मस्ती में लग गया है ,वो ईश्वर को भूल गया है ,पूरी तरह खुदगर्ज़ बन गया है ,ईश्वर को प्यार करना भूल गया है अब तो वो इंसानों से भी नफरत और इर्ष्य के बीज बोने लग गया है ,धरती और पैसो के लिए वो मानवता और इन्सनिअत भूल गया है एक दुसरे को जान से मरने के लिए उतारू हो गया है यह सोच कर कि उसे ही रहना है इस धरती पर और वो भी अमर बन कर ,वो यह भूल गया है कि यह जिंदगी ईश्वर कि दें है और कुछ समय के लिए ही है और कर्म प्रदान है ,प्यार और इन्सनिअत इस का आधार है शांति इस कि हमसफ़र है बिना इसके यह जीवन बेजार है दुखो का पहार है ,सच तो यह है कि इस खुबसूरत दुनिया में ख़ुशी से रहना और प्यार मोहबत से सबको अपना बनाना ही सही जिंदगी है ,यह सोच के जीने में ही मज़ा है कि यह ख्यारिक है जो पल मिले उसे प्यार में व्यतीत करे ,और शांति से अपना कर्म करे ,क्या मालूम कब उसका बुलावा आ जाये और सब कुछ यही छौरः के जाना परे .काश ये इंसान यह सब जल्दी समझ ले तो जिंदगी में चारो और प्यार और शांति ही नज़र आये ,ये बढ़े मुल्क पैसो के बल पर हथियार और अन्य bam न बनाये जिससे इन्सनिअत का नाश होता हो ,मानव कलंकित न हो ,जमीन का झग्रहा न हो अंदर अपने घमंड का नाश हो ,प्यार और अमन का वातावरण सुजीत हो सभी इंसान अपना पेट भर सके ,खुशिया और खुशिया ही चारो और बिखर जाये ,और इंसान इसी का झंडा चारो और लहराए न ,कोही जाती हो न कोही धर्म हो ,न कोही गरीब हो न कोही अमीर हो सब बराबर और प्यार के लाबोलेज़ हो ,तो ईश्वर भी यह सब देख कर ऊपर से गदगद हो जाये कि उन्सनो ने इस धरती पर प्यार और शांति के झंडे गाढ़ दिए है और जिंदगी का फलसफा सिद्ध करदे ,यही जिंदगी है इस धरती पर ,जियो और जीने दो
परता है जो और खुबसूरत होता है ,इतनी विशाल धरती में हर जगह हर वास्तु बिखेर राखी है मालिक ने उसको छूना तो दूर से देखने भी भी समय मिलना मुश्किल है इस छोटी सी जिंदगी में ,ईश्वर ने इस धरती को सब कुछ प्रदान क्या है इस मानव के लिए चारो और रहस्यों का खजाना बिखरा पढ़ा है सिर्फ देखने और खोज करने की जरुरत है ,खुशिया हमारा हर जगह इंतजार कर रही है ,धरती के बहार ही नहीं अंदर भी ईश्वर ने अमूल्य खजाना छुपा रखा है जो इंसानों के लिए ईश्वर की अनुपम भेंट है ,ईश्वर ने हम इंसानों को धरती पर भेज कर हमें अमूल्य सोगात भेंट की है जिसके हम ताउम्र इसके आभारी रहेंगे .पर यह देख कर हेरानी होती है कि इंसान यह सब भूल कर अपनी मोज मस्ती में लग गया है ,वो ईश्वर को भूल गया है ,पूरी तरह खुदगर्ज़ बन गया है ,ईश्वर को प्यार करना भूल गया है अब तो वो इंसानों से भी नफरत और इर्ष्य के बीज बोने लग गया है ,धरती और पैसो के लिए वो मानवता और इन्सनिअत भूल गया है एक दुसरे को जान से मरने के लिए उतारू हो गया है यह सोच कर कि उसे ही रहना है इस धरती पर और वो भी अमर बन कर ,वो यह भूल गया है कि यह जिंदगी ईश्वर कि दें है और कुछ समय के लिए ही है और कर्म प्रदान है ,प्यार और इन्सनिअत इस का आधार है शांति इस कि हमसफ़र है बिना इसके यह जीवन बेजार है दुखो का पहार है ,सच तो यह है कि इस खुबसूरत दुनिया में ख़ुशी से रहना और प्यार मोहबत से सबको अपना बनाना ही सही जिंदगी है ,यह सोच के जीने में ही मज़ा है कि यह ख्यारिक है जो पल मिले उसे प्यार में व्यतीत करे ,और शांति से अपना कर्म करे ,क्या मालूम कब उसका बुलावा आ जाये और सब कुछ यही छौरः के जाना परे .काश ये इंसान यह सब जल्दी समझ ले तो जिंदगी में चारो और प्यार और शांति ही नज़र आये ,ये बढ़े मुल्क पैसो के बल पर हथियार और अन्य bam न बनाये जिससे इन्सनिअत का नाश होता हो ,मानव कलंकित न हो ,जमीन का झग्रहा न हो अंदर अपने घमंड का नाश हो ,प्यार और अमन का वातावरण सुजीत हो सभी इंसान अपना पेट भर सके ,खुशिया और खुशिया ही चारो और बिखर जाये ,और इंसान इसी का झंडा चारो और लहराए न ,कोही जाती हो न कोही धर्म हो ,न कोही गरीब हो न कोही अमीर हो सब बराबर और प्यार के लाबोलेज़ हो ,तो ईश्वर भी यह सब देख कर ऊपर से गदगद हो जाये कि उन्सनो ने इस धरती पर प्यार और शांति के झंडे गाढ़ दिए है और जिंदगी का फलसफा सिद्ध करदे ,यही जिंदगी है इस धरती पर ,जियो और जीने दो