Wednesday, October 3, 2012

kudrat

जिंदगी बहुत खुबसूरत है जी चाहता है कुदरत के नजारों  को देखते ही रहो ,देखते ही रहो कब दिन गुज़र जाये कब रात आ जावे ,पता ही नहीं चलता ,सुबह की वेला अपने आप में अलग ही छटा बरसाती है जब रात अपनी रवानगी पर होती है दिन का उजाला अपनी रोनक दिखलाना शरू कर रहा होता है पते खिले हुए होते है और उन पर ओंस की बुँदे चार चाँद लगा रही होती है  कही कलिया खिल कर फूल बन रही होती है ,हवा के मस्त झोंको से टहनिया  झूम रही होती है ऐसा लगता है फूल झूम झूम कर हस रहे हो और अपनी ख़ुशी का इज़हार कर रहे हो की अब वो जवान हो कर अंगराई  ले रहे है और चारो  और खुश हो कर ख़ुशी का समां बाँध रहे है , तबी आकाश के उरते परिंदे भी अपनी प्यारी आवाज में मौसम को और रस भरा बना दिया ,दूर कोयल की कु कु ने पुरे समां को मधुर आवाज़ से कानो में रस गोल दिया ,बगीचे की घास  भी अपने रंग में आकर पूरी तरह खिल रही है और हमारे कदमो का इंतज़ार कर रही है तबी यकायक बादलो  ने अपनी रिम्जिम बोछारे गिरा कर अपनी उपिस्सथी का बाण कराया की यह कहकर की वो भी इस खुशनुमा माहोल में शरीक है फिर अब क्यों नहीं इंसान का मन थिरके नाचने को और झूम झूम कर मौसम को गले लगाने मे। तबी पास ही किसी रेडियो में ये धुन  कानो को चीरती हुई गुजरी "मौसम है अश्काना ई दिल कही पे उनको ढूंढ़लाना " ऐसा महसूस होता है की हम ईशवर की बनाई इस कायनात का एक हिस्सा है और इस वक़्त किसी जन्नत से कम किसी स्थान में नहीं है ,अनायास ही सिर  ईशवर के चरणों में झुक गया और मुह से बरबस आवाज़ निकली "वाह मालिक वाह तेरा कोटि कोटि शुकराना की आपने मुझे यह जन्नत नसीब दी "

Thursday, August 30, 2012

sukhi sansaar

कितनी अजीब दुनिया है ये देखो तो देखते रह जाओ कोई अंत नहीं है नित्य नै चीज देखने को मिलती है लोगो के चेहरे बदल जाते है उनके वादे बदल जाते है ,बात करने के अंदाज़ बदल जाते है .तब केवल एक ईशवर याद आता है ,जो साचा दोस्त ,भाई और माता पिता सभी वोही है उसी से ही सब मांग सकते है वो ही पालनहार है वो ही दाता  है और हम उसके आगे भिखारी ,हम हेरान होते है यह देख कर की कितनी न अछि मालिक ने यह दुनिया बनाई ,चारो और खुशिया 
खुशिया नज़र आती है बहार फूल पोधे आकाश नदिया बादल ,बरसात अगिनित चीजे भरी हुई है देखो और निहारते रहो जी नहीं भरता है मन में तुरंत यह ख्याहल जीवत  हो उठता है वाह  मालिक तेरी दुनिया ., नतमस्तक हो जाता है ,पर एक अफ़सोस भी होता है की इस इंसान रूपी जीव में ईशवर ने एक दिमाग देकर फफूंद खरी कर दी है जिसने पूरी मानव जाती में खलबली कर रखी है ,लर्हाई झगरे ,जात पात ,जमीनों का बटवारा ,अलग अलग धर्म ,गरीब अमीर ,न जाने और क्या क्या ,ये सब मानव जाती के दिमाग की उपज है जिसने इस सुंदर संसार में अशांति फेला राखी है जो किसी सभ्य समाज की धजिया उर्रा  रही है ,काश इन सबसे अलग दुनिया मानव ने बसाई होती ,जिसमे प्यार ,शांति ,और खुशिया होती ,मीठे बोल होते ,सबको भरपेट भोजन मिलता रहने को छोटा आशियाना ,उसे पूरी आज़ादी होती कही भी जाने की उसका सुखी संसार होता जिसमे  वो सुख चैन के साथ अपना जीवन बिताता जब तक उसकी सांस चलती रहती ,आओ हम सभ इस सुखद संसार बसने का प्रण ले और साथ मिल कर एक नई दुनिया बनाइ .

Wednesday, August 8, 2012

jindagi

जिंदगी  बहुत खुबसूरत है चारो और खुशिया बिखरी पारी है ,इंसान को केवल तलाशने की जरुरत है आज व्यक्ति यह देखना पसंद नहीं करता है

Saturday, July 28, 2012

italia

io ho ora deci che io sara non vada al mia paese ,perche io piace questo paese molto dolce ed ho accolto tanti soldi da questo paese ed fare tanti amico chi sia ora con mi per ogni lavoro quale io come que .
infatti questo sia molto bella paese nel mondo .suoi molto vero che ogni popolo ha proprio respetto nel vita ,cosa lui fatto ,nel mondo  o loro paese .

sach

mane ਤੇ ਦਸ ਕੀ ਮੈ ਕ੍ਯਾ ਕਰਤਾ ਪਿਯਾ ਜਬ ਤੂ ਉਨਾ ਥਾ ਹੀ ਨਹੀ ਆਜ ਮੇਨੂ ਏਕ ਬਾਤ ਪੱਤਾ ਚਲੀ ਕੀ ਤੁਵਾਰੀ ਦੁਕਾਨ ਉਥੇ ਨਹੀ ਹੋਂਦੀ ਜਿਤੇ ਤੇ ਮੇਨੂ ਦਸਦੀ ,

Wednesday, April 25, 2012

बहुत दिनों बाद में आपके साथ हु ,करीबन दो माह पश्चात् इस खुबसूरत दुनिया को जितना देखते जावो कम है .काश इंसान को भी ईश्वर ने दो पंख दिए होते तो वो झट से कही भी कुछ भी देखने के लिए अपने पंख खोल  देता और सच से अवगत हो जाता और दूर दुनिया की सेर कर आता ,जगती और सोती इस रहस्यमई दुनिया के कुछ अंश देख पाता ,मालिक ने यह संसार की रचना बहुत सोच समज कर की है जिसके अनेक पहलु है और उन सब का जानकार केवल ईश्वर ही है परन्तु हर व्यक्ति को इस संसार में आने का और देखने का सोभाग्य सर्वशक्तिमान ने एक गिफ्ट के रूप में हमें प्रदान किया है जिनका शुक्र हमें  जीवन के हर पल में करना चाहिए ,

Wednesday, February 22, 2012

jindagi

वाह क्या जिंदगी है इस जहाँ में सभी इंसानों की ,जीवो की ,और उर्हते परिंदों की ,जब भी देखो हर तरफ नया ही दिखाई
परता है जो और खुबसूरत होता है ,इतनी विशाल धरती में हर जगह हर वास्तु बिखेर राखी है मालिक ने उसको छूना तो दूर से  देखने भी  भी समय मिलना मुश्किल है इस छोटी सी जिंदगी में ,ईश्वर ने इस धरती को सब कुछ प्रदान क्या है इस मानव के लिए चारो और रहस्यों का खजाना बिखरा पढ़ा है सिर्फ  देखने और खोज करने की जरुरत है ,खुशिया हमारा हर जगह इंतजार कर रही है ,धरती के बहार ही नहीं अंदर भी ईश्वर ने अमूल्य खजाना छुपा रखा है जो इंसानों के लिए ईश्वर की अनुपम भेंट है ,ईश्वर ने हम इंसानों को धरती पर भेज कर हमें अमूल्य सोगात भेंट की है जिसके हम ताउम्र इसके आभारी रहेंगे .पर यह देख कर हेरानी होती है कि इंसान यह सब भूल कर अपनी मोज मस्ती में लग गया है ,वो ईश्वर को भूल गया है ,पूरी तरह खुदगर्ज़ बन गया है ,ईश्वर को प्यार करना भूल गया है अब तो वो इंसानों से भी नफरत और इर्ष्य के बीज बोने लग गया है ,धरती और पैसो के लिए वो मानवता और इन्सनिअत भूल गया है एक दुसरे को जान से मरने के लिए उतारू हो गया है यह सोच कर कि उसे ही रहना है इस धरती पर और वो भी अमर बन कर ,वो यह भूल गया है कि यह जिंदगी ईश्वर कि दें है और कुछ समय के लिए ही है और कर्म प्रदान है ,प्यार और इन्सनिअत इस का आधार है शांति इस कि हमसफ़र है बिना इसके यह जीवन बेजार है दुखो का पहार है ,सच तो यह है कि इस खुबसूरत दुनिया में ख़ुशी से रहना और प्यार मोहबत से सबको अपना बनाना ही सही जिंदगी है ,यह सोच के जीने में ही मज़ा है कि यह ख्यारिक है जो पल मिले उसे प्यार में व्यतीत करे ,और शांति से अपना कर्म करे ,क्या मालूम कब उसका बुलावा आ जाये और सब कुछ यही छौरः के जाना परे .काश ये इंसान यह सब जल्दी समझ ले तो जिंदगी में चारो और प्यार और शांति ही नज़र आये ,ये बढ़े मुल्क पैसो के बल पर हथियार और अन्य bam  न बनाये जिससे इन्सनिअत का नाश होता हो ,मानव कलंकित न हो ,जमीन का झग्रहा न हो अंदर अपने घमंड का नाश हो ,प्यार और अमन का वातावरण सुजीत  हो सभी इंसान अपना पेट  भर सके ,खुशिया और खुशिया ही चारो और बिखर जाये ,और इंसान इसी का झंडा चारो और लहराए न ,कोही जाती हो न कोही धर्म हो ,न कोही गरीब हो न कोही अमीर हो सब बराबर और प्यार के लाबोलेज़ हो ,तो ईश्वर भी यह सब देख कर ऊपर से गदगद हो जाये कि उन्सनो ने इस धरती पर प्यार और शांति के झंडे गाढ़ दिए है और जिंदगी का फलसफा सिद्ध करदे ,यही जिंदगी है इस धरती पर ,जियो और जीने दो

Friday, February 10, 2012

life

well ,after along period i came here to write something of my present circunstances in the life which are most connecting with my family ,as we know god has made this beautiful world for us and sent us here to enjoy and do some new for coming generation ,as we have got some thing from our ancestors ,and we are all useing it in our daily life to get more comfortable in all the ways ,perhapes our ancestors thought it very early that coming time will be more struggle for us in this world to move easily ,that"s why they did it ,for us thus we may get more facilities to survive in this bizarre world . god is great ,he always created many problems for all of us ,for only that no one stay here without hard work ,and it must be , but some problems are very crucially which are more than toleration but everyone have to remove it do to hard struggle , some peoples assume that these problems are our last birth in this earth and human itself earned it his last birth ,some says no it is created in this birth ,so in fact we can"t judge that what is right . anyhow we have to clear it very soon thus our childrens get charming life in their life . although most parents do it with his full work ,to get his goal in this life ,and they get success in it may be early or later.really it is true that we are puppet in this world ,and god is watching us every time ,and give results as he thinks . i thanks god every morning for his support in my all work and blissful life with family , though some target remain there but hope to accomplish soon by grace of god .