Wednesday, April 25, 2012

बहुत दिनों बाद में आपके साथ हु ,करीबन दो माह पश्चात् इस खुबसूरत दुनिया को जितना देखते जावो कम है .काश इंसान को भी ईश्वर ने दो पंख दिए होते तो वो झट से कही भी कुछ भी देखने के लिए अपने पंख खोल  देता और सच से अवगत हो जाता और दूर दुनिया की सेर कर आता ,जगती और सोती इस रहस्यमई दुनिया के कुछ अंश देख पाता ,मालिक ने यह संसार की रचना बहुत सोच समज कर की है जिसके अनेक पहलु है और उन सब का जानकार केवल ईश्वर ही है परन्तु हर व्यक्ति को इस संसार में आने का और देखने का सोभाग्य सर्वशक्तिमान ने एक गिफ्ट के रूप में हमें प्रदान किया है जिनका शुक्र हमें  जीवन के हर पल में करना चाहिए ,

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