सर्द मौसम की शरुआत हो गई है सुबह सुबह हलकी हलकी ठंडी हवा की लहरे बदन को चुंबन सी लगने लगी है साथ में फूलो की हलकी हलकी महक वातावरण को और खुशनुमा बना रही है ,प्रकृति की यह अनोखी शुरुआत अब अगले चार महीने रहेगी यह प्रकृति की धरती को शानदार सौगात है और इंसानो के लिए खूबसूरत नज़ारे चारो और बिखर जाते है कही बर्फ के पहाढ़ कही कल कल बहता हुआ शीतल जल ,कही बादलो को छूते हुए शरीर को अध्बुद ख्हरहः मन को और उल्हाहित कर देते है।
ईश्वर की यह अध्बुद लीला ईश्वर में विश्वास बल देती है और सर स्वत ही झुक जाता है और मुँह से शब्द बाहर आ जाते है "वाव मालिक तेरी लीला अपरम्पार है "
ईश्वर की यह अध्बुद लीला ईश्वर में विश्वास बल देती है और सर स्वत ही झुक जाता है और मुँह से शब्द बाहर आ जाते है "वाव मालिक तेरी लीला अपरम्पार है "