Monday, July 26, 2010

justice

आज बहुत ही अजीब दिन रहा मुझे मेरा बहुत पुराना दोस्त अचानक रस्ते में मिल गया मेने उसे शीघ्र  पहिचान लिया हाला कि वोह मुझे ४२ वर्ष बाद मिला परन्तु उसकी हालत अत्यंत ख़राब थी वोह पहिचानने लायक न था मै उससे बहुत प्यार से मिला और हाल पूछे तो वो रो परा और कुछ भी बताने से इंकार करने लगा मेने भी जोर नहीं दिया और उसे पास बिठा कर कुछ खाने के लिए मंगाया फिर बहुत  प्यार से खिलाया और पिलाया भी तब उसने अपनी कहानी बतानी शुरू कि जो बहुत ही अजीब थी पर सत्य थी इसलिए विश्वास करने योग्य थी कि ऐसा भी हो सकता है कुल मिला कर उसके साथ उसके बेटे ने ही बहुत बेइंसाफी कि जो कोई भी बेटा नहीं कर सकता इसलिए उसे इस बात का बहुत दुःख पंहुचा और वो अस्त व्यस्त रहने लगा इस गम में उसकी बीबी भी इस दुनिया से चली गई बेटी कि शादी पहले ही हो चुकी थी इस लिए उसकी यह चिंता नहीं थी फिर यह सब सुन कर मेने उसे अपने घर ले गया और आराम से सोने दिया और दुसरे दिन सुबह को ही में उसके बेटे के पास गया और उसे खरी खोटी सुनाई उसे समजाया और काफी कोशिशो के बाद उसे हकीकत पता चली फिर वो अपने पिताजी से माफ़ी मांग कर अपने घर ले गया तब मुझे भी ख़ुशी हुई और मेने इस ईशवर को धन्यवाद् दिया कि इतने सालो बाद किसी को सही नियाय मिला मेरी ईश्वर से ये प्रार्थना है कि अभी किसी को ऐसी मुसीबत में न डाले वोह भी इस उम्र में .

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