आज फिर में काफी दिनों बाद इधर कुछ लिखने आया हू वक़्त कभी रुकता नहीं है उसकी सिर्फ यादें रह जाती है अच्छी या बुरी फुर्सत के पलो में दिल उनको याद कर समय बीतता है ,पर बेकार है कुछ हासिल नहीं होता है। सर्वशक्तिमान ईश्वर की बनाई दुनिआ में सब कुछ होता है इस छोटे से जीवन में।
कभी कभी दिमाग या दिल में अजीब ख्याल आता है आखिर इस दुनिया में इंसान क्यों आया है ,और मालिक ने हमसभ को क्यों इधर भेजा है जहाँ केवल दुखो के अलावा कुछ नहीं है ,कुछ पलो की खुशिया और फिर वही गमो का ढेला , शायद इसलिए ज्ञानी व्यक्तियों ने इस संसार से छुटकारा पाने के लिए रात दिन ईश्वर से मोकक्ष्य की प्राथना करते है ताकि अगले जनम में वो इस धरती पर न आये ,परन्तु ईश्वर उनकी यह प्रार्थना स्वीकार करता है की नहीं यह वो ही जनता है ,उसके रंग निराले है ,कब किस वक़्त क्या करता है सिर्फ उसे ही पता होता है।
कर्म की गति गहन है उसी का फल जरूर मिलता है कब कैसे कहाँ यह कोही नहीं जनता देर हो सकती है पर न नहीं।
कभी कभी दिमाग या दिल में अजीब ख्याल आता है आखिर इस दुनिया में इंसान क्यों आया है ,और मालिक ने हमसभ को क्यों इधर भेजा है जहाँ केवल दुखो के अलावा कुछ नहीं है ,कुछ पलो की खुशिया और फिर वही गमो का ढेला , शायद इसलिए ज्ञानी व्यक्तियों ने इस संसार से छुटकारा पाने के लिए रात दिन ईश्वर से मोकक्ष्य की प्राथना करते है ताकि अगले जनम में वो इस धरती पर न आये ,परन्तु ईश्वर उनकी यह प्रार्थना स्वीकार करता है की नहीं यह वो ही जनता है ,उसके रंग निराले है ,कब किस वक़्त क्या करता है सिर्फ उसे ही पता होता है।
कर्म की गति गहन है उसी का फल जरूर मिलता है कब कैसे कहाँ यह कोही नहीं जनता देर हो सकती है पर न नहीं।
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