Friday, January 23, 2015

ishwar

  आज फिर में काफी दिनों बाद इधर कुछ लिखने आया हू  वक़्त कभी रुकता नहीं है उसकी सिर्फ यादें रह जाती है  अच्छी या बुरी फुर्सत के पलो में दिल उनको याद कर समय बीतता है ,पर बेकार है कुछ हासिल नहीं होता है। सर्वशक्तिमान ईश्वर की बनाई दुनिआ में सब कुछ होता है इस छोटे से जीवन में।
कभी कभी दिमाग या दिल में अजीब ख्याल आता है आखिर इस दुनिया में इंसान क्यों आया है ,और मालिक ने हमसभ को क्यों इधर भेजा है जहाँ केवल दुखो के अलावा कुछ नहीं है ,कुछ पलो की  खुशिया और फिर वही गमो का ढेला , शायद इसलिए ज्ञानी व्यक्तियों ने इस संसार से छुटकारा   पाने के लिए रात दिन ईश्वर से मोकक्ष्य की प्राथना करते है ताकि अगले जनम में वो इस धरती पर न आये ,परन्तु ईश्वर उनकी यह प्रार्थना स्वीकार करता है की नहीं यह वो ही जनता है ,उसके रंग निराले है ,कब किस वक़्त क्या करता है सिर्फ उसे ही पता होता है।
कर्म की गति गहन है उसी का फल जरूर मिलता है कब कैसे कहाँ यह कोही नहीं जनता देर हो सकती है पर  न नहीं।

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