आज दुनिया अजीब सोच को आगे लिए चल रही है जिसमे बढ़े मुल्क सबसे पहले शामिल है वो करोड़ो अरबो डॉलर चाँद एवं अन्य ग्रहों पर खर्च कर रहे वहां इन्सानी बस्ती बनाने पर खर्च कर रहे ,कितनी न अजीब है इन राजनेताओ की सोच जहाँ धरती पर रह रहे है लाखो करोड़ो लोग रोज़ भूखे सोते है बच्चे पैदा होकर मोत के मुँह में जा रहे है क्या उन पर ध्यान देने की जरुरत नहीं है ?
क्या इनकी बीमारियों का इलाज़ करने की जरुरत नहीं है ?
क्या उन पर डॉलर खर्च करना बेकार है ?
ईश्वर की बनाई हुई यह दुनिया अत्यन्त खूबसूरत है इसको निहारे इसे और खूबसूरत बनाए रहने के लिए जगह बनाए उन पर ज्यादा ध्यान दे यही मानव एवं इंसानियत की पहचान है।
सच तो यही है इस दुनिया के सारे राजनेताओ एवं बुद्धिजीवियों को मिल कर मानवता के सोचना चाहिए की कैसे विशव में शांति एवं प्यार ज्यादा से ज्यादा ोैदा किया जाये एक न एक दिन सब को जाना है इस दुनिया से ,फिर ये सब जमीन के लिए झगड़ा क्यों /फिर ये हथियार क्यों ? एक दूसरे को डरना क्यों ?
क्या इनकी बीमारियों का इलाज़ करने की जरुरत नहीं है ?
क्या उन पर डॉलर खर्च करना बेकार है ?
ईश्वर की बनाई हुई यह दुनिया अत्यन्त खूबसूरत है इसको निहारे इसे और खूबसूरत बनाए रहने के लिए जगह बनाए उन पर ज्यादा ध्यान दे यही मानव एवं इंसानियत की पहचान है।
सच तो यही है इस दुनिया के सारे राजनेताओ एवं बुद्धिजीवियों को मिल कर मानवता के सोचना चाहिए की कैसे विशव में शांति एवं प्यार ज्यादा से ज्यादा ोैदा किया जाये एक न एक दिन सब को जाना है इस दुनिया से ,फिर ये सब जमीन के लिए झगड़ा क्यों /फिर ये हथियार क्यों ? एक दूसरे को डरना क्यों ?
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