Sunday, August 7, 2016

janta ki aawshaykataye

यह ख़ुशी की बात है की भारत सरकार ने एक पोर्टल चालू किया है जिसमे जनता अपनी राय उसमे लिख सकती है और शिकायत भी। मोदी जी ने कल एक प्रोग्राम में मन की बात में कहा की  लोकतंत्र में जनता की भागीदारी आवश्यक है न की सिर्फ वोट देकर अपना फ़र्ज़ ख़तम समझे। यह एक नई  शरुआत है भारतीय लोकतंत्र की  की सरकार जनता के विचारो को समझेगी और अमल में लाएगी।
अगर हम भारत में सरकारों और संसद के काम की समीक्षा करे तो पता लगता है की कानून तो शीघ्र बन जाते है जनता की भलाई के लिए पर अमल में देरी लगती है जनता को पता ही नहीं लगता की सरकार ने उसके फायदे के लिए यह नया कानून या सविधाएं लाई है ताकि जनता अति शीघ्र उसका उपयोग कर सके राज्य सरकार या कर्मचारियों को भी काफी देर बाद पता चलता है या वो कामकरने को आनाकानी करते है और उनके ऊपर प्रोपर मॉनिटरिंग नहीं होती है ओस क्यों ?
यह राज्य का काम है की देखे की कानून प्रॉपर तरीके से लागू गया की नहीं हैरानी तब होती है जब जनता चिलाती है तब सरकार जगती है अधिकारियो को कोही कहने वाला नहीं है अगर उनके खिलाफ शिकायत आती है तो या दबा दी जाती है या कोही कार्यवाही नहीं होती मेरा आधारणीय प्रधान मंत्री मंत्री से निवेदन है की इसके लिए कोही ठोस आदेश लागू करे ताकि आगे ऐसा नहीं हो।
दूसरा आम जान का  काम एक निश्चिन्त अवधि  में होना चाहिए न की बार बार दफ्तर जाना परे ,कभी अफसर नहीं तो कभी क्लर्क नहीं कभी फाइल गुम और फाइल को महीनो लग जाते है इधर उधर चलने में।
मेक इन इंडिया तो सही है परंतु काम की अवधि अभी तक फिक्स नहीं है की कितने दुनो में फाइल पास हो जायगी जो की अति आवश्यक है बाते बहुत है और प्रधान मंत्री जी को सभी इंफॉर्मेटिव सभी सूत्रों से मिल जाती होगी जो जनता के लिए जरुरी है।

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