Wednesday, January 4, 2017

jindagi .

सर्द  रातो में नींद जर्दी बिस्तर छोड़ने को ज़क्कार के पकड़  के बैठ जाती है कुछ मज़ा भी आता है सोते रहने पर पर आखिरकार न चाहते हुए भी उठना परत है यही जिंदगी का नियम है यानी जो सो गया तो सो गया यानी बहुत कुछ उसने गवा दिया हम प्रकृति के बनाये नियम को नहीं बदल सकते।
इस अध्बुध संसार म जीना भी एक कला है चाहे उम्र  कोही भी हो काश हम अपनी मर्ज़ी से जी पाते। 

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