इस दुनिया में बहुत कम लोग है जो ईमानदारी से अपना काम पूरा करते है जयादातर लोग अपना फर्ज दिल से या मन से पूरा नहीं करते करते है अधिकतर इस की वजह बहुत सी है कुछ ऑफिशियली कुछ घरेलु कुछ व्यक्तिगत जिसकी की वजह से वोह चिंता में ग्रस्त रहता है जब की उसको ऐसा नहीं करना चाहिए सच तो यह है मालिक की यह दुनिया बेहद निराली और खूबसूरत है और यह व्यक्ति की सोच है की वो इसे किस तरह लेता है ,अधिकतर राजनीतक लोग अपनी इज़्ज़त की खातिर इस में शामिल होते है न की जनता की सेवा के लिए वो पैसा और रुतबा बराने के लिए इसमें आते है जनता की फ़िक़्र वो मुश्किल से करते है अगर वास्तव में वो जनता का भला चाहते है तो उनको अपना पूरा वक़्त जनता की मुश्कलों पर देने की जरुरत है और जो कर्मचारी इसमें लिप्त है वो भी अपना टाइम बिताने और पैसे इकठे करने के लिए आते है .
कैसी अध्भुत सोच है कर्मचारियों और सत्ता पर बैठे खिदमतकरो की सब तो ऐसे नहीं है पर अधिकतर तो ऐसे है इसलिए कही बार ईमानदार व्यक्ति इस माहौल में फ़ैल हो जाता है और उन जैसा बन ता जाता है।
यही वजह है व्यक्ति ज्यादातर परेशां रहता है और नौकरशाह एवं राजनितिक खुश अपनी जिंदगी गुजार रहा होता है। वाह री कुदरत वाह री तेरी खुदाई
कैसी अध्भुत सोच है कर्मचारियों और सत्ता पर बैठे खिदमतकरो की सब तो ऐसे नहीं है पर अधिकतर तो ऐसे है इसलिए कही बार ईमानदार व्यक्ति इस माहौल में फ़ैल हो जाता है और उन जैसा बन ता जाता है।
यही वजह है व्यक्ति ज्यादातर परेशां रहता है और नौकरशाह एवं राजनितिक खुश अपनी जिंदगी गुजार रहा होता है। वाह री कुदरत वाह री तेरी खुदाई
No comments:
Post a Comment